Astaghfar ki Dua In Hindi | अस्तगफार की दुआ

अस्सलामु अलैकुम नाज़रीन, क्या आप Astaghfar ki Dua की तलाश में है, और आपको भी अपने गुनाहों को बकसवाना है तो आप बिलकुल सही जगह पर आए हो।

आज की पोस्ट में मैंने अस्तगफार की दुआ को याद कराने के लिए अलग अलग भाषा में इस दुआ को लिखा हूँ। जिससे किसी किस्म की गलती की गुंजाईश ना बचे।

अस्तगफार की फ़ज़ीलत इस्लाम में बहुत ज्यादा है, जब कोई इन्सान सिदक दिल से जब अल्लाह ता’अला के बारगाह में अस्तगफार करता है, तो उसकी गुनाह मआफ़ हो जाता है।

आप सभी दोस्तों से एक ही गुजारिश है की किसी भी दुआ को अरबिक में याद करने और पढ़ने की कोशिश करे। अगर अरबिक पढ़ने नहीं आता या अरबिक में दुआ याद नहीं होता फिर हिंदी या रोमन इंग्लिश में याद कर सकते है।

Astaghfar ki Dua

दोस्तों इन्सान की फितरत में गलती और गुनाह करना सामिल है। जब किसी शख्स से गुनाह हो जाता है, वह अपने गुनाहों पर सर्मिंदगी महसूस करने लगता है।

अगर कोई भी सख्स सच्चे दिल से अल्लाह ता’अला की बारगाह में दुआ की तलब करता है तो उसी को अस्तगफार कहते है।

Astaghfar Ki Dua In Arabic

Astaghfar ki Dua In Hindi

Astaghfar Ki Dua In Hindi

अल्लाहुम्मा अन्ता रब्बी ला इलाहा इल्ला अ्न्त़ा खलकतनी व-अना अबदुका व-अना अला अह-दिका व-वादिका मस्त-ततु अ-अऊज़ु बिका मिन शर्रि मा सनातु अबू-उ लका बि-निमतिका अलय्या व-अबू-उ बि-ज़म्बी फग़ फिर ली फ-इन्नहू ला यग फिरुज्जुनूबा इल्ला अन्ता

अस्तगफार की दुआ का तर्जुमा हिंदी में

ऐ अल्लाह तू ही मेरा खुदा है, तेरे सिवा कोई इबादत करने के लायक नहीं, तूने ही हम सबको पैदा किया और हम सब तेरा ही बन्दे है, और मै तेरे वादे और अहद पर कायम हूँ, जितना मुझसे हो सका मै तुझ से माँगता / माँगती हूँ उन (तमाम गुनाहों) के शर से जो मेने किए है, उन गुनाहो से जो मैंने जाने अनजाने में किया है, बस तू मेरे गुनाहों को बख्श दे, इसलिए के तेरे सिवा और कोई गुनाहों को नहीं बख्श सकता।

Astaghfar ki Dua in Roman English

Allâhumma Anta Rabbî, lâ ilâha illâ Anta, khalaqtanî wa anâ ‘abduka, wa anâ ‘alâ ‘ahdika wa wa’dika mastata’tu, a’ûdhu bika min sharri mâ sana’tu, abû’u laka bini’maktika ‘alayya, wa abû’u bidhanbî, faghfir lî, fa innahu lâ yaghfirudh-dhunûba illâ Anta.

Dua for Seeking Forgiveness

O Allah! You are my Rabb. There is no true god except You. You have created me, and I am Your slave, and I hold to Your Covenant as far as I can. I seek refuge in You from the evil of what I have done. I acknowledge the favors that You have bestowed upon me, and I confess my sins. Pardon me, for none but You has the power to pardon.

Astaghfar ki Dua in URDU

اے اللہ، تو میرا معبود ہے، تیرے سوا کوئی عبادت کا حق نہیں رکھتا، تو نے مجھے پیدا کیا اور میں تیرا بندہ ہوں، میں تیرے عہد اور وعدے کی پاسداری کرتا ہوں، میں تیری پناہ میں آتا ہوں، اس شر سے جو میرے پاس ہے۔ ہو گیا، میں اپنے اوپر تیرا فضل کرتا ہوں اور اپنے گناہ کا اقرار کرتا ہوں، تو مجھے معاف کر دے۔ کیونکہ تیرے سوا کوئی گناہ معاف نہیں کر سکتا۔

तो दोस्तों ये रहा Astaghfar ki Dua, मुझे उम्मीद है की यह दुआ आप सभी हज़रात को बेहद पसंद आया होगा। जिसमे अल्लाह ता’अला से अपनी गुनाहों से माफ़ी मागने की दुआ के बारे में बताया गया है।

इसी से मिलता जुलता Magfirat ki Dua होता है और इसकी फ़ज़ीलत और बरकत भी काफी ज्यादा होता है, तो इसको भी याद करना चाहिए।

अगर इसी तरह से इस्लामिक दुआ सीखना चाहते है, तो अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे। इसी तरह किसी भी किस्म की दुआ में गलती देखे तो निचे कमेंट करे या contact us में जाकर वह से कमेंट करे।

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Bilal Ahmad

इस्लामकादुआ.कॉम एक इस्लामिक वेबसाइट है जो बिलाल अहमद द्वारा 2023 में शुरू की गई है, ताकि दुनिया भर के लोगो तक ऑथेंटिक इस्लामिक दुआएं, और जानकारी हदीस की रौशनी में पहुंचाई जा सके।

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